बलिया से माफी मांग लो संजय निषाद भाजपा नेत्री रंजना सिंह की कलम से

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

बलिया से माफी मांग लो संजय निषाद

भाजपा नेत्री रंजना सिंह की कलम से

प्रबंध संपादक अजय कुमार उपाध्याय भारत समाचार दर्शन न्यूज़ के लिए

मैं निषाद पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री संजय निषाद जी से दो शब्द कहना चाहूंगी आप माफी मांग लो मंत्री जी बलिया से,

आप जो भी हैं माननीय है, आप पार्टी के अपने विचार रख सकते है विरोध भी कर सकते हैं अन्य की तरह,

सरकार के खिलाफ भी बोल सकते है पक्ष विपक्ष की तरह,भले ही आप से गठ बंधन है ।

 

लेकिन हमारे बलिया पर उंगली उठाने का हक आप को किसने दे दिया माननीय मंत्री जी ??

 

बात हमारे बागी बलिया की है बलिया के सम्मान की है, हमारे अस्तित्व की है हमारे इतिहास पर उंगली उठाने वाले की है

नीच मानसिकता की सोच से भरे व्यक्ति की है,

वो आका हो या किसी का काका हो अपने वाणी पर कंट्रोल नही है रखता है जो वीना लगाम मेरे बलिया के इतिहास पर उंगली उठाता है

जो हमारे बलिया के महान वीर क्रांति कारीयों को विकाऊं कहता है,

जो खुद को बेचता चंद नोटों से है वह व्यक्ति हमारे गौरव हमारा सम्मान जिसका नाम ( बलिया )अन्य स्टेट में भी बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है

जो सप्तऋषियों की धरती, भृगु बाबा की तपोभूमि और हमारे बलिया के वीर सपूतों और क्रांति कारीयो की धरती है,

 

जो 18 सौ 57 में भारत माता के महान वीर क्रांतिकारी सपूत मंगल पांडेय जी की धरती है

जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ बैरक पूर में गोली चलाकर क्रांति की विगुल फूंकी थी वैसे क्रांति करियों की धरती बलिया है

और हमारा बलिया देश आजाद होने के पहले है ही 19अगस्त 1942में चित्तू पांडेय जी के नेतृत्व में 14 दिन के लिए आज हुआ था

अभी तो यह शुरुआत है मेरे क्रांति करियों के नामो की,

आप को अभी पता नही मंत्री जी बलिया की बच्चा बच्चा क्रांतिकारी है और यहां हर घर में एक नेता है और गलत के खिलाफ आवाज यही से उठती है और देश भक्ति की ज्वाला हर एक के सीने मे सदैव रहती है

हमरा बलिया किसी का अपमान नही करता है सम्मान और प्रेम सीखना है तो बलिया में आवो किसी के भी दरवाजे पर बैठना मंत्री जी हर जगह तुमको सम्मान ही मिलेगा,

 

लेकिन जब तुम हमारे बलिया को अंग्रेजो के हाथो विकाऊँ कहते हो तो तुम्हारा सम्मान एक साइड रख कर हम बलिया वाले तुम्हारी सारी बहियात भाषा दो पल में उतार कर तुम्हारे हांथ में दे देंगे और सदन में तुम बोलने लायक नही रहोगे,

हम बलिया की बेटी नही है हम यहां की बहु हैं हमको गर्व होता है की बलिया की हम बहु हैं

और एक बहु अपने इतिहास की गरिमा रखना जानती है

और तुम्हारे जैसे नेता जी की गर्मी उतरना भी क्यों तुम हमारा नही हमारे अस्तित्व पर उंगली उठाए हो उसके लिए तुम को माफी मांगनी होगी बलिया से …….

हम अपनी भाषा का मर्यादा सिर्फ इस लिए भूल रहें है की आप, आए कहने के काबिल नही हो,

जब तुम मेरे इतिहास पर उंगली उठाओगे तो हम तुम्हारी आरती वंदन नही तुम्हारी बंदना अपनी जुती से ही करेंगे।

क्यों की इतिहास गवाह है बलिया समय समय पर महान विभूति को जन्म देती है “जैसे बलिया” के ही पूर्व प्रधान मंत्री स्व शेखर जी,

जब सदन में खड़े होते थे तो कोई आवाज विच में उनके खलल नही डालती थी चाहे पक्ष हो या विपक्ष।

हमारा बलिया आम नही महान है

  1.    इस लिए मंत्री जी माफी मांग लो बलिया से….?

Leave a Comment

और पढ़ें