बदनावर में हिन्दू चेतना का विराट संगम विशाल हिन्दू सेना संगठन के हिन्दू सम्मेलन ने भरा नव-ऊर्जा का संचार

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बदनावर में हिन्दू चेतना का विराट संगम

 

विशाल हिन्दू सेना संगठन के हिन्दू सम्मेलन ने भरा नव-ऊर्जा का संचार

✍️ अजय उपाध्याय


मध्यप्रदेश के धार जिले के बदनावर नगर में आयोजित हिन्दू सम्मेलन ने सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी चेतना का एक सशक्त संदेश दिया। इस अवसर पर विशाल हिन्दू सेना संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंडलेश्वर 1008 श्री श्री सीतानंद गिरी जी महाराज का मुख्य अतिथि के रूप में आगमन हुआ। उनके पावन सान्निध्य में आयोजित यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिन्दू समाज को एकजुट करने का प्रेरणास्रोत बन गया।

सम्मेलन स्थल पर जैसे ही महामंडलेश्वर जी का आगमन हुआ, कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, जयघोष और पारंपरिक सम्मान के साथ उनका भव्य स्वागत किया। उनके साथ संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. भंवर गिरी जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने संगठन की विचारधारा और सामाजिक दायित्वों पर सारगर्भित चर्चा की।

कार्यक्रम में संगठन की जिला एवं तहसील इकाइयों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। उज्जैन जिला अध्यक्ष मुकेश द्विवेदी, धार जिला अध्यक्ष कुशल शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी अभय पाल सहित बदनावर तहसील की पूरी टीम कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से लगी रही। यह आयोजन संगठन की जमीनी मजबूती और अनुशासित कार्यशैली का सशक्त उदाहरण बना।

सम्मेलन की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज सोमानी, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, तथा पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष प्रजेंद्र भट की उपस्थिति ने राजनीतिक और सामाजिक समन्वय का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया। इन सभी अतिथियों ने मंच से विशाल हिन्दू सेना संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए हिन्दू समाज के हित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

महामंडलेश्वर 1008 श्री श्री सीतानंद गिरी जी महाराज ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि “हिन्दू समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता, संस्कृति और सेवा भावना है। जब तक समाज जागरूक, संगठित और संस्कारित रहेगा, तब तक कोई भी शक्ति उसे कमजोर नहीं कर सकती।” उन्होंने युवाओं से राष्ट्र, धर्म और समाज के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों से आत्मीय भेंट हुई, जिसमें संगठन के विस्तार, सामाजिक सेवा, सनातन संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन का वातावरण पूर्णतः अनुशासित, ऊर्जावान और प्रेरणादायक रहा।

यह हिन्दू सम्मेलन न केवल बदनावर बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक संदेश लेकर आया कि जब सामाजिक संगठन, धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता एक मंच पर आते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी जाती है। विशाल हिन्दू सेना संगठन का यह प्रयास निश्चित रूप से हिन्दू समाज को नई दिशा और नई चेतना प्रदान करेगा।

अंततः कहा जा सकता है कि बदनावर में आयोजित यह हिन्दू सम्मेलन संगठन की सक्रियता, नेतृत्व की दूरदर्शिता और कार्यकर्ताओं की निष्ठा का जीवंत उदाहरण बना। आने वाले समय में ऐसे आयोजन समाज को संगठित और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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