
अजंता सरकार के संकीर्तन से गूंजा ब्रिगेड ग्राउंड, 5 लाख गीता पाठ महायज्ञ बना ऐतिहासिक
अजंता सरकार ने कोलकाता ब्रिगेड ग्राउंड में 5 लाख गीता पाठ महायज्ञ में की विशेष सहभागिता
तिथि: 7 दिसंबर 2025, कोलकाता
कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड ग्राउंड में दिनांक 7 दिसंबर 2025 को आयोजित भव्य “5 लाख गीता पाठ महायज्ञ” कार्यक्रम में देशभर के संतों, कलाकारों, आध्यात्मिक गुरुओं और हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज हुई। इस विराट आयोजन में बंगाल व मुंबई की प्रसिद्ध गायिका और पद्मश्री अनूप जलोटा जी की शिष्या अजंता सरकार भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम प्रातः 8 बजे से सायं 4 बजे तक चला, जिसमें हजारों भक्तों ने एक स्वर में श्रीमद्भगवद्गीता के 5 लाख पाठ कर इतिहास रचा। इस पावन अवसर पर गोपाल क्षेत्री महाराज सहित कई प्रतिष्ठित संतों ने आशीर्वचन दिए।
अजंता सरकार ने मंच पर पहुँचकर पहले समस्त संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया, तत्पश्चात उन्होंने अपनी मधुर आवाज़ में हरि नाम संकीर्तन की कुछ पंक्तियाँ प्रस्तुत कीं। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम में एक दिव्य सांगीतिक ऊर्जा का संचार हुआ। उपस्थित भक्तगणों और संतों ने उनकी प्रस्तुति की सराहना की।
अजंता सरकार ने संक्षिप्त इंटरव्यू में कहा कि “गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का सार है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों में सम्मिलित होकर मुझे अपार आनंद और विराट ऊर्जा मिलती है।”
कार्यक्रम में देशभर से आए गायक-गायिकाओं और कलाकारों का विशेष स्वागत किया गया। सभी प्रतिभागियों और भक्तों के लिए भोजन, जल, बिस्कुट, चनाचूर, फल आदि की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई। इसके साथ ही उपस्थित लोगों को आगामी वर्ष का विशेष आध्यात्मिक कैलेंडर भी वितरित किया गया।
इस महायज्ञ में बागेश्वर धाम सरकार की भी पावन उपस्थिति रही, जिन्होंने सभी को धर्म-मार्ग पर चलने और गीता को जीवन में उतारने का संदेश दिया। अजंता सरकार को स्वयं महाराज जी द्वारा आमंत्रित किया गया था, जिसके कारण उन्हें संतसमूह के बीच विशेष स्थान प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम समाप्ति के उपरांत अजंता सरकार ने सभी आचार्यों और संतजनों से आशीष प्राप्त किया तथा संक्षिप्त समय के लिए मंच पर रुकीं। इसके बाद वे मीडिया को अपना संक्षिप्त बयान देकर कार्यक्रम से प्रस्थान कर गईं।
यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, बल्कि देशभर के भक्तों को एकत्रित कर धर्म, संस्कृति और संगीत का भव्य संगम प्रस्तुत करने वाला कार्यक्रम साबित हुआ।
अजंता सरकार की उपस्थिति ने इस आध्यात्मिक समारोह की गरिमा में और भी वृद्धि की।