**धनबाद में सजेगा पत्रकार एकता का महापर्व राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत का छठवां स्थापना वर्ष समारोह**  — अजय कुमार उपाध्याय वरिष्ठ संपादक

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**धनबाद में सजेगा पत्रकार एकता का महापर्व राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत का छठवां स्थापना वर्ष समारोह**  — अजय कुमार उपाध्याय वरिष्ठ संपादक

पत्रकारिता केवल समाचारों का संकलन नहीं, बल्कि समाज के सच को निर्भीकता से सामने रखने का दायित्व है। इसी दायित्वबोध और संगठनात्मक चेतना का प्रतीक है राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत, जो अपने गठन के छह वर्षों की यात्रा में संघर्ष, प्रतिबद्धता और संगठनात्मक विस्तार की मिसाल बन चुका है। इसी क्रम में संघ का छठवां स्थापना वर्ष समारोह अब झारखंड के धनबाद में आयोजित किया जाएगा, जिसकी घोषणा स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगदीश सिंह ने की है।

पूर्व में यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद में प्रस्तावित था, किंतु अपरिहार्य कारणों से उसमें परिवर्तन करते हुए आयोजन स्थल को धनबाद स्थानांतरित किया गया है। यह निर्णय किसी आकस्मिकता का परिणाम नहीं, बल्कि संगठनात्मक व्यावहारिकता और बेहतर सहभागिता को ध्यान में रखकर लिया गया एक संतुलित और दूरदर्शी कदम है। पत्रकार संगठन को भावनाओं के साथ-साथ परिस्थितियों की वास्तविकताओं को भी समझना होता है, और यही परिपक्व नेतृत्व की पहचान है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगदीश सिंह, राष्ट्रीय महासचिव श्री शमशेर गाज़ीपुरी तथा राष्ट्रीय संयोजक श्री शौर्य पंडित की आपसी सहमति से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत में निर्णय सामूहिक विचार-विमर्श और संगठनात्मक मर्यादाओं के तहत लिए जाते हैं, न कि किसी एक व्यक्ति की इच्छा से।

इस भव्य आयोजन की जिम्मेदारी झारखंड प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहम्मद जहीरुद्दीन खान, धनबाद जिला अध्यक्ष श्री शिव शंकर यादव तथा उनकी पूरी टीम को सौंपी गई है। धनबाद, जो अपनी औद्योगिक पहचान के साथ-साथ सामाजिक चेतना के लिए भी जाना जाता है, इस राष्ट्रीय आयोजन के लिए एक उपयुक्त स्थल सिद्ध होगा। यह आयोजन न केवल पत्रकारों के बीच आपसी संवाद और एकता को सशक्त करेगा, बल्कि झारखंड में पत्रकारिता की भूमिका को भी नई ऊर्जा देगा।

वर्तमान में धनबाद जिला अध्यक्ष के शहर से बाहर होने की जानकारी दी गई है। उनके लौटने के पश्चात राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के धनबाद कार्यालय में एक आवश्यक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें कार्यक्रम की तिथि, स्थल और आयोजन से जुड़ी समस्त तैयारियों पर विस्तृत चर्चा होगी। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिनांक और कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा इसी सप्ताह कर दी जाएगी, जिससे देशभर के पत्रकार साथी समय रहते अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकें।

राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत ने चंदौली में प्रस्तावित कार्यक्रम के स्थगन को लेकर सभी साथियों से क्षमा याचना भी की है। यह क्षमायाचना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संगठन की संवेदनशीलता और पारदर्शिता का प्रमाण है। एक मजबूत संगठन वही होता है, जो अपने सदस्यों के प्रति उत्तरदायी भी हो और ईमानदार भी।

जनवरी माह में आयोजित होने जा रहा यह छठवां स्थापना वर्ष समारोह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि पत्रकारों के अधिकार, सम्मान और जिम्मेदारियों पर सामूहिक मंथन का अवसर होगा। आज जब पत्रकारिता अनेक चुनौतियों से गुजर रही है, ऐसे आयोजनों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है।

धनबाद में होने वाला यह आयोजन निश्चित रूप से राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत की संगठनात्मक शक्ति, वैचारिक प्रतिबद्धता और भविष्य की दिशा को नई मजबूती प्रदान करेगा। देशभर के पत्रकारों में इसे लेकर जो उत्साह देखा जा रहा है, वह इस बात का संकेत है कि संघ अपने उद्देश्य की ओर निरंतर अग्रसर है।

राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत का छठवां स्थापना वर्ष समारोह — एक आयोजन नहीं, एक संकल्प है।

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