पद्म श्री अनूप जलोटा जी भजन सम्राट की महान शिष्या अजंता सरकार को मिला “प्राइड ऑफ नेशन” अवार्ड

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पद्म श्री अनूप जलोटा जी भजन सम्राट की महान शिष्या अजंता सरकार को मिला “प्राइड ऑफ नेशन” अवार्ड

गुरु–शिष्य परंपरा, संस्कृति और संगीत साधना का गौरवशाली उत्सव

 

दिनांक 30 दिसंबर 2025 भारतीय कला, संस्कृति और संगीत जगत के लिए एक अत्यंत अद्भुत, अनोखा और ऐतिहासिक दिन के रूप में स्मरणीय बन गया, जब प्रसिद्ध शास्त्रीय एवं रविंद्र संगीत की विदुषी गायिका अजंता सरकार को “प्राइड ऑफ नेशन” अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया, जहाँ हजारों की संख्या में कला प्रेमी, संगीत साधक एवं सांस्कृतिक विचारक उपस्थित रहे।

अजंता सरकार, प्रख्यात भजन सम्राट एवं महान संगीत गुरु पद्मश्री अनूप जलोटा जी की शिष्या हैं। उन्होंने गुरु की छत्रछाया में संगीत की गहराइयों को आत्मसात किया और भारतीय संगीत की गुरु–शिष्य परंपरा को जीवंत रूप प्रदान किया। अजंता सरकार ने अपने गायन से केवल सुरों का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और भावनाओं का सजीव चित्र प्रस्तुत किया है।

रविंद्र संगीत की विद्वान कलाकार अजंता सरकार ने देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने अनूप जलोटा जी के साथ अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं, जहाँ उनकी भावपूर्ण गायन शैली, शुद्ध उच्चारण और गहन साधना ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है।

 

इस गरिमामय अवसर पर “प्राइड ऑफ नेशन” अवार्ड उन्हें उस महान व्यक्तित्व द्वारा प्रदान किया गया, जिन्होंने महाभारत धारावाहिक में युधिष्ठिर जैसे धर्म, सत्य और संयम के प्रतीक पात्र को जीवंत किया। यह सम्मान न केवल एक कलाकार को दिया गया पुरस्कार था, बल्कि सांस्कृतिक मूल्यों, भारतीय आत्मा और सनातन परंपरा का सम्मान भी था।

आज जब राष्ट्र पुनः हिंदू, हिंदी, हिंदुत्व और अपनी सांस्कृतिक धरोहर की ओर लौट रहा है, ऐसे समय में अजंता सरकार जैसी कलाकारों और अनूप जलोटा जैसे महान गुरुओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उनका संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि संस्कार, साधना और आत्मिक जागरण का माध्यम है।

 

वर्ष के अंतिम अवसर पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में जब अजंता सरकार ने अपने स्वर साधना से मंच को आलोकित किया, तो उपस्थित श्रोतागण भाव-विभोर हो उठे। हर स्वर में संस्कृति की सुगंध, गुरु के संस्कार और राष्ट्र के प्रति समर्पण झलक रहा था।

निःसंदेह, “प्राइड ऑफ नेशन” अवार्ड अजंता सरकार के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय संगीत, गुरु–शिष्य परंपरा और सांस्कृतिक चेतना के लिए भी गर्व का विषय है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जुड़ने और संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा देगा।

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