पुरसौली की महिला ने लगाया सगे भाईयों पर कब्जा व हत्या की साजिश का आरोप, कहा—“पुलिस की शह पर बढ़ा अत्याचारियों का हौसला”

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पुरसौली की महिला ने लगाया सगे भाईयों पर कब्जा व हत्या की साजिश का आरोप, कहा—“पुलिस की शह पर बढ़ा अत्याचारियों का हौसला”

 

गोरखपुर। थाना गगहा क्षेत्र के ग्राम पुरसौली में पारिवारिक विवाद अब भय और बेघर होने की त्रासदी में बदल गया है। गांव की एक पीड़ित महिला ने अपने ही ससुराल पक्ष पर न केवल संपत्ति हड़पने, बल्कि जान से मारने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने थाने और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसे और उसके परिवार को इंसाफ दिलाया जाए, वरना वह आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगी।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थिनी ने बताया कि उसका पति रमेश यादव मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। वर्षों की कमाई से उसने पुरसौली गांव में मकान और जमीन खरीदी थी। मगर आज वही संपत्ति उसके अपने सगे भाई—राजेन्द्र यादव, उमेश यादव, सुरेश यादव और रविन्द्र यादव (पुत्रगण स्व. रामदुलारे)—ने कब्जा कर ली है।

 

महिला ने कहा कि ये लोग न तो उसे घर में रहने दे रहे हैं, न ही उसके पति को। विरोध करने पर आए दिन गाली-गलौज, धमकी और मारपीट की जाती है। आरोप है कि 10 अक्टूबर 2025 की रात लगभग 9 बजे, जब उसका पति घर पर नहीं था, तभी राजेन्द्र व रविन्द्र यादव हथियार लेकर घर में घुस आए। उन्होंने गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की, घर का सामान फेंक दिया और अभद्र हरकतें भी कीं। “मेरी चीख सुनकर आस-पड़ोस के लोग दौड़े, तब जाकर मेरी जान बची,” प्रार्थिनी ने रोते हुए कहा।

 

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि राजेन्द्र यादव गांव में मनबढ़ प्रवृत्ति का व्यक्ति है और स्थानीय पुलिस से उसकी नजदीकियां हैं। पहले भी शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई के बजाय शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। नतीजतन, उसका हौसला इतना बढ़ गया कि अब वह पूरे परिवार को उजाड़ने पर तुला है।

 

पीड़िता ने कहा कि अब हालत यह है कि वह और उसके बच्चे बेघर जैसी स्थिति में हैं। पति बाहर मजदूरी कर रहे हैं, और गांव में उनकी जमीन व मकान पर कब्जाधारियों ने झोपड़ी तक लगाने नहीं दिया है। उसने कहा, “अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो हम सबको मरना पड़ेगा।”

 

इस पूरे मामले में महिला ने जिला प्रशासन और थाना गगहा पुलिस से मांग की है कि पुरसौली स्थित संपत्ति को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो और परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

 

पुलिस सूत्रों का कहना है कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच चल रही है। गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, वहीं पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में दर-दर की ठोकरें खा रहा है।

 

 लेखक सुरेश राजभर हैं जो इलेक्ट्रॉनिक एवं मीडिया में लंबे समय से कार्यरत हैं.

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