श्रीरामपुर गडही में चोरी की वारदात से दहशत—पुलिस व्यवस्था सवालों के घेरे में ..

संवाद दाता.. सुरेश राजभर ।
गोरखपुर के गगहा थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण श्रीरामपुर गडही में घटित चोरी की घटना से स्पष्ट दिखाई देता है। बीती रात खेत में लगे पंपिंग सेट से नाजिल एलीमेंट व सेक्शन पाइप चोरी हो जाने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। वहीं पुलिस प्रशासन पर एक बार फिर लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
ग्राम श्रीरामपुर निवासी राम आज्ञा यादव ने गगहा थाने में लिखित तहरीर देकर बताया कि उनका पंपिंग सेट ताल देवना से सटे खेत में लंबे समय से स्थापित था। लेकिन बीती रात अज्ञात चोरों ने उसमें लगा नाजिल एलीमेंट व सेक्शन पाइप उखाड़ कर गायब कर दिया। सुबह जब वह खेत की ओर निकले तो चोरी का पता चला।
पीड़ित ने स्पष्ट कहा कि—
“इस क्षेत्र में रात होते ही चोरों का आतंक शुरू हो जाता है। पुलिस की गश्त नाम मात्र की है और होमगार्डों के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है। आम आदमी परेशान है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं।”
अतायर की पुरानी घटना आज भी याद
करीब 4–5 महीने पहले अतायर गांव से नरसिंह यादव का पूरा पंपिंग सेट मशीन चोरी होने की घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था। उस समय पुलिस ने 24 घंटे में तीन चोरों को गिरफ्तार कर जेल भेज कर अपनी उपलब्धि बताई थी। लेकिन उसी समय यह उम्मीद भी बंधी थी कि शायद अब क्षेत्र में चोरी की घटनाएँ रुकेगी। मगर हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
आज फिर उसी तरह की वारदात होने से ग्रामीणों में सवाल है कि—
“क्या पुलिस की कार्रवाई सिर्फ दिखावा थी? क्या अपराधियों के नेटवर्क पर कोई ठोस चोट लगी भी थी या नहीं?”
पुलिस प्रशासन होमगार्डों के सहारे—जमीन पर असर नगण्य
स्थानीय लोगों की मानें तो गगहा क्षेत्र में रात की गश्त सिर्फ कागजों में चलती है। चौकियों में पुलिसकर्मी विरले ही मिलते हैं, अधिकांश काम होमगार्डों के सहारे किया जा रहा है। नतीजा यह कि अपराधी बेखौफ़ होकर खेत–खलिहान और सड़कों पर घटनाएँ अंजाम दे रहे हैं।
योगी सरकार अपराध मुक्त प्रदेश की बात करती है, लेकिन गोरखपुर में पुलिसिंग की जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रही है।
लोग कहते हैं—
“गोरखपुर की योगी पुलिस कहीं न कहीं ढीली पड़ गई है। अधिकारी सिर्फ बयान दे रहे हैं, लेकिन गांवों में अपराधियों का दबदबा बढ़ रहा है।”
थाना प्रभारी का बयान—औपचारिकता भर
जब इस मामले में थाना प्रभारी अंजुल चतुर्वेदी से बात की गई तो उनका जवाब वही पुराना था—
“तहरीर मिल गई है, छानबीन की जा रही है।”
ग्रामीणों का कहना है कि हर बार यही जवाब मिलता है, लेकिन पेट्रोलिंग नहीं बढ़ती, न ही रात में पुलिस की मौजूदगी दिखाई देती है।
पीड़ित की गुहार—न्याय कब मिलेगा?
राम आज्ञा यादव व आसपास के किसानों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाएँ खेती-किसानी को कमजोर कर रही हैं। पंपिंग सेट की पाइप, नाजिल, मशीन—ये सब किसानों की मेहनत की कमाई होती है, जिसे अपराधी मिनटों में साफ कर जा रहे हैं।
पीड़ित ने प्रशासन से गुहार की है—
“यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो चोर बेखौफ होते जाएंगे। पुलिस को रात की गश्त बढ़ानी चाहिए और गांवों में अपराधियों पर सख्ती करनी चाहिए।”