सीसी रोड निर्माण: जनसहयोग, किसान एकता और विकास की मजबूत नींव
कलम से — राजेश सुरेश राजभर

ग्रामीण विकास की असली तस्वीर तब सामने आती है, जब जनसहयोग, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और संगठनों की प्रतिबद्धता एक साथ धरातल पर उतरती है। ऐसा ही एक प्रेरणादायी दृश्य इन दिनों अतायर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, जहाँ राजकुमार गुप्ता के घर से शुरू होकर उमेश पाण्डेय, बिमल राय, संजीव राय, कमलेश यादव के घर तक तथा दूसरी ओर जगदीश हरिजन के घर तक सीसी रोड निर्माण कार्य प्रारंभ होकर तेजी से प्रगति पर है। वर्षों से जिस पक्की सड़क का सपना ग्रामीण देख रहे थे, वह आज साकार होता दिखाई दे रहा है।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के पूर्वांचल प्रभारी दिलीप किसान के अथक प्रयासों की बड़ी भूमिका रही है। राधिका स्कूल के सामने बने हुए रोड को अतायर संपर्क मार्ग से जोड़ने के लिए सीसी रोड का प्रस्ताव पास होना और आज उसका निर्माण कार्य शुरू होना, यह साबित करता है कि जब किसान संगठित होते हैं और नेतृत्व ईमानदार हो, तो विकास की राह अपने आप खुलने लगती है।
यह सड़क केवल ईंट, सीमेंट और गिट्टी का ढांचा नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की जनता की आशाओं, किसानों की मेहनत और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य का प्रतीक है। बरसात के दिनों में कीचड़, फिसलन और आवागमन की कठिनाइयों से जूझने वाले ग्रामीणों के लिए यह सीसी रोड किसी वरदान से कम नहीं है। अब बच्चों को स्कूल जाने में सुविधा होगी, किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक ले जाने में राहत मिलेगी और आपात स्थिति में आवागमन सुगम होगा।

इस सफलता के लिए अतायर ग्राम प्रधान रामभरोस यादव, अरविंद राय, दीनानाथ दुबे, जिला प्रवक्ता अखिलेश दुबे, जिला अध्यक्ष इंद्रेश कुमार, कुशीनगर जिला अध्यक्ष रामसमुझ, कुशीनगर उपाध्यक्ष मोनू कश्यप, जोखन प्रजापति, गोरखपुर जिला उपाध्यक्ष व मंडल सचिव छोटेलाल प्रजापति, गुड्डी देवी, सुनीता देवी, वंदना प्रजापति सहित सभी किसान साथियों का योगदान सराहनीय है। इन सभी ने मिलकर यह दिखा दिया कि जब उद्देश्य जनहित हो, तो व्यक्तिगत सीमाएँ स्वतः टूट जाती हैं।
यह उपलब्धि केवल एक सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की अनेक विकास योजनाओं का मार्ग प्रशस्त करती है। क्षेत्र की जनता, किसान साथी, पदाधिकारी और किसान बंधु जिस एकजुटता के साथ आगे बढ़े हैं, उससे यह विश्वास और मजबूत होता है कि आने वाले समय में भी ऐसे ही विकास कार्य निरंतर होते रहेंगे।

आज जरूरत है इस सफलता से प्रेरणा लेकर विकास की इस यात्रा को आगे बढ़ाने की। यदि यही समर्पण, यही सहयोग और यही जनभावना बनी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब अतायर और आसपास के क्षेत्र विकास के नए उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। यह जीत हर उस हाथ की है, जिसने सहयोग दिया, हर उस आवाज़ की है, जिसने हक के लिए बोला और हर उस सपने की है, जो आज सच्चाई में बदल रहा है।

सुरेश राजभर