
सुकरौली ग्राम सभा में लेखपाल नदारद, किसानों से अवैध वसूली और धमकी के गंभीर आरोप
सुकरौली (गोरखपुर, गोला,
तहसील क्षेत्र)
ग्राम सभा सुकरौली के लेखपाल क्षेत्र में लगातार नदारद बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल न तो अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं और न ही ग्राम पंचायत कार्यालय में कभी बैठते हैं। किसानों से दस्तावेजों की मांग करने पर वे खुलेआम कहते हैं— “कागजात लेकर मेरे घर आओ”, जबकि बिना पैसे के कोई भी कार्य करने से साफ इनकार कर देते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार फोन करने पर लेखपाल फोन नहीं उठाते, और संपर्क करने पर धमकाने जैसी भाषा का प्रयोग किया जाता है। हैरानी की बात यह है कि लेखपाल ने अपने निजी निवास/निजी क्षेत्र में अनधिकृत रूप से कार्यालय बना रखा है तथा कार्य कराने के लिए दलालों को सक्रिय कर रखा है।
कई बार ग्राम पंचायत कार्यालय पर लेखपाल की उपस्थिति के बारे में पूछा गया, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि आज तक एक दिन भी उनकी नियमित उपस्थिति ग्राम पंचायत कार्यालय में नहीं रही। न तो उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज नाम मिलता है और न ही वे ग्रामवासियों की समस्याएं सुनते हैं।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित अधिकारी गांव में बैठकर या घर-घर जाकर समस्याओं का निस्तारण करें, लेकिन लेखपाल खुले तौर पर कहते हैं—
“मैं किसी के घर नहीं जाऊंगा, तहसीलदार से जाकर बात करो।”
ग्रामीणों का सवाल है कि क्या यह मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के आदेशों की खुली अवहेलना नहीं है?
क्या यह शासन-प्रशासन के प्रति अनादर का भाव नहीं दर्शाता?
अब बड़ा प्रश्न यह है कि— 👉 तहसीलदार महोदय,
👉 आपकी तहसील में यह सब कैसे हो रहा है?
👉 क्या लेखपाल की कार्यप्रणाली की जांच होगी या किसानों को यूं ही परेशान किया जाता रहेगा?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर लेखपाल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

संवाददाता अनुपमा दूबे.