100 मीटर दौड़ में वैष्णवी ने मारी बाजी, तीन दिवसीय वार्षिक खेल उत्सव का भव्य शुभारंभ

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100 मीटर दौड़ में वैष्णवी ने मारी बाजी, तीन दिवसीय वार्षिक खेल उत्सव का भव्य शुभारंभ

गगहा।
लीलावती सिंह स्मारक इण्टर मीडिएट कालेज भैसहा, गगहा में सोमवार को तीन दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं में खेल के प्रति जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

प्रतियोगिता के पहले दिन आयोजित 100 मीटर दौड़ में वैष्णवी पाण्डेय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अन्नू यादव द्वितीय स्थान पर रहीं। वहीं अन्य वर्गों की दौड़ प्रतियोगिता में हर्षित और अतुल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। खिलाड़ियों की तेज गति और उत्साह से दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।

इसके अलावा कबड्डी प्रतियोगिता में कक्षा 8वीं और 9वीं की टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने जीत के लिए भरपूर प्रयास किया, लेकिन अंततः कक्षा 8वीं के छात्रों ने अनुशासन और बेहतर तालमेल के बल पर विजय प्राप्त की।
इसी क्रम में लीलावती सिंह स्मारक इण्टर कालेज एवं बाबा सरयू दास शिक्षा संस्थान के छात्रों के बीच खेल मुकाबला भी काफी रोचक रहा, जिसमें लीलावती सिंह स्मारक इण्टर कालेज के खिलाड़ियों ने जीत दर्ज की।

तीन दिवसीय अंतर विद्यालयीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव सुधाकर तिवारी रहे। उन्होंने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति को अनुशासन, धैर्य और सम्मान का पाठ पढ़ाता है। आज के समय में खेल के माध्यम से न केवल रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं, बल्कि खिलाड़ी देश-विदेश में अपनी पहचान भी बना रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मैदान में वही हारता है, जो प्रयास करना छोड़ देता है। हार और जीत खेल का हिस्सा हैं, लेकिन जुनून ही एक सच्चे खिलाड़ी की पहचान है।

विद्यालय के प्रबंधक राधामोहन सिंह ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल के माध्यम से छात्र हर मुकाम हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों के हित में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

वहीं प्राचार्य रविन्द्र कुमार ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि इससे शारीरिक और मानसिक विकास भी होता है। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

इस अवसर पर दीनानाथ, राम सिंह यादव, दीपचंद, मोनू, इंद्रजीत, सुजीत पाण्डेय, किरण सिंह, महिमा, सीमा, काब्या, हर्षिता, संजना, नेहा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

 

— अनुपमा दुबे

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