पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन का शंखनाद: गोरखपुर से उठा पत्रकार एकता का हुंकार, अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान

गोरखपुर | 21 दिसंबर 2025
जब पत्रकारों की आवाज़ को दबाने की साज़िशें तेज़ हों,
जब सच लिखने वालों को डराने का दुस्साहस हो,
तब संगठन नहीं—आंदोलन खड़ा होता है।
कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला गोरखपुर में, जहाँ
पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन (PPA) की वर्ष 2025 की आखिरी प्रांतीय बैठक
यूपी न्यूज़ लाइव 24 (सच का साथी),
टाटा नगर (संतुर सिटी), ट्रांसपोर्ट नगर, गोरखपुर में
जोश, ओज और संघर्ष की आग के साथ सम्पन्न हुई।

यह कोई औपचारिक बैठक नहीं थी—
यह पत्रकारों के स्वाभिमान की हुंकार थी।
🔥 मंच पर संगठन की ताकत, विचारों में संघर्ष
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में
राष्ट्रीय संयोजक जेपी गुप्ता जी,
प्रदेश अध्यक्ष चंद्रभान तिवारी जी,
प्रदेश महासचिव उमाशंकर शुक्ला जी
सहित संगठन के वरिष्ठ व जमीनी पत्रकारों ने
दो टूक शब्दों में कहा—
> “अब पत्रकार अकेला नहीं लड़ेगा,
पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन उसकी ढाल और तलवार बनेगा।”
बैठक में संगठन के विस्तार, जमीनी मजबूती,
और पत्रकारों की वास्तविक ताकत को पहचानने पर विशेष जोर दिया गया।
⚡ तहसील मंत्री अनुपम दुबे की भूमिका रही निर्णायक
इस बैठक की सबसे बड़ी और धारदार आवाज़ रहे
तहसील मंत्री अनुपमा दुबे।
अनुपमा दुबे ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
> “पत्रकार अगर संगठित नहीं होगा,
तो सत्ता और सिस्टम उसे रौंदते रहेंगे।
अब समय आ गया है कि
तहसील से लेकर प्रदेश तक
हर पत्रकार एक-दूसरे की ढाल बने।”
उन्होंने यह भी कहा कि
जनपद स्तर पर नए अधिकारियों से सीधी संवाद प्रक्रिया,
और पत्रकारों की समस्याओं पर तत्काल हस्तक्षेप
संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
अनुपम दुबे की यह स्पष्टता,
उनका निर्भीक तेवर और
पत्रकार हितों के प्रति प्रतिबद्धता
बैठक का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरी।
💥 संगठन की रणनीति: अब सिर्फ बयान नहीं, एक्शन
बैठक में यह तय किया गया कि—
पत्रकारों पर होने वाले हर अत्याचार का
संगठित प्रतिरोध होगा
तहसील, जिला और प्रदेश स्तर पर
तुरंत सहायता तंत्र सक्रिय रहेगा
किसी भी पत्रकार के उत्पीड़न पर
पूरा संगठन सड़क से सदन तक खड़ा होगा
यह संदेश साफ़ था—
अब पत्रकार कमजोर नहीं, संगठित हैं।
🛡️ अध्यक्षता में अनुभव और नेतृत्व
बैठक की अध्यक्षता की
एस.एन. दूबे ने—
जो यूपी न्यूज़ लाइव 24 (सच का साथी) के
चैनल प्रमुख और
पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन के
वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।
उनकी अध्यक्षता में बैठक
अनुशासन, दिशा और संकल्प के साथ आगे बढ़ी।
🔴 निष्कर्ष: गोरखपुर से निकली चेतावनी
यह बैठक एक संदेश है
> “जो पत्रकारों को कमजोर समझते हैं,
वे इतिहास नहीं जानते।”
पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन
अब केवल संगठन नहीं,
पत्रकारों के सम्मान की लड़ाई का मोर्चा बन चुका है।
और इस मोर्चे पर
अनुपम दुबे जैसे जमीनी योद्धा
संघर्ष की अगली पंक्ति में खड़े हैं।
🔥 अब आवाज़ दबेगी नहीं—
अब सच बोलेगा, और पूरी ताकत से बोलेगा।

