ठंड के सितम में सेवा की गर्माहट: हाटा बाजार में दर्जा प्राप्त मंत्री डॉ. विभ्राट चंद कौशिक ने बांटे कंबल

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ठंड के सितम में सेवा की गर्माहट: हाटा बाजार में दर्जा प्राप्त मंत्री डॉ. विभ्राट चंद कौशिक ने बांटे कंबल

गोरखपुर जनपद में सर्दी ने जब अपना विकराल रूप दिखाना शुरू किया और ठिठुरन से आम जनजीवन प्रभावित होने लगा, उसी समय समाज सेवा का बीड़ा उठाए दर्जा प्राप्त मंत्री, युवा एवं खेल प्रकोष्ठ के राज्य मंत्री डॉ. विभ्राट चंद कौशिक जनसेवा की जीवंत मिसाल बनकर सामने आए।

छात्र राजनीति से निकलकर समाज और राष्ट्र सेवा के पथ पर अग्रसर हुए डॉ. विभ्राट चंद कौशिक ने यह साबित कर दिया कि राजनीति यदि सेवा भाव से की जाए, तो वह समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक भी राहत पहुंचा सकती है।

हाटा बाजार में मानवता का संदेश

गोरखपुर जिले के हाटा बाजार में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह संवेदनशील नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय सरोकारों का प्रतीक बन गया। ठंड से कांपते जरूरतमंदों के बीच डॉ. कौशिक ने अपने कर कमलों से सैकड़ों लोगों को कंबल वितरित किए।

कंबल पाकर लोगों के चेहरों पर आई मुस्कान इस बात का प्रमाण थी कि जब सेवा निस्वार्थ भाव से होती है, तो उसका असर सीधे दिलों तक पहुंचता है।

ना दबदबा, ना दबंगई—सिर्फ सेवा और सादगी

उच्च शिक्षित, सभ्य एवं संभ्रांत परिवार से आने वाले डॉ. विभ्राट चंद कौशिक विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी में विभिन्न दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं। उनकी पहचान किसी राजनीतिक दबाव या शक्ति प्रदर्शन से नहीं, बल्कि सादगी, शालीनता और सेवा भावना से बनी है।

वे आम जनमानस के बीच गली-चौराहों पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान के लिए शासन-प्रशासन तक संघर्ष करते हैं। यही कारण है कि जनता से उनका रिश्ता औपचारिक नहीं, बल्कि आत्मीय है।

“जनसेवा ही मेरा जीवन है”

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ संवाददाता अनुपम दुबे से विशेष बातचीत में डॉ. विभ्राट चंद कौशिक ने कहा—

> “मेरा जीवन ही जनसेवा के लिए समर्पित है। जिस धरती पर मैंने जन्म लिया, उसी धरती के लोगों की सेवा करना मेरा धर्म है।

मैं शिक्षा जगत से जुड़ा हुआ व्यक्ति हूं, स्वभाव से सीधा-साधा हूं।

‘ना काहू से बैर, ना काहू से द्वेष’—सबका साथ, सबका विकास ही मेरा मूल मंत्र है।”

उन्होंने यह भी कहा कि कंबल वितरण कार्यक्रम उनकी ओर से एक छोटा सा प्रयास है, ऐसे सामाजिक कार्य आगे भी निरंतर चलते रहेंगे।

योगी और मोदी के विजन को अंतिम पायदान तक पहुंचाने का संकल्प

डॉ. कौशिक ने कहा कि वे माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जनकल्याणकारी सपनों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के राष्ट्र निर्माण के विजन को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे।

जनता और सहयोगियों का आभार

कार्यक्रम की सफलता पर उन्होंने अपने सभी सहयोगियों और क्षेत्रीय जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा—

> “जनता ने मुझे इस योग्य बनाया है कि मैं उनकी सेवा कर सकूं, यही मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है।”

 

सेवा से पहचान, संवेदना से नेतृत्व

हाटा बाजार में आयोजित यह कंबल वितरण कार्यक्रम यह संदेश देता है कि राजनीति जब संवेदना, सेवा और समर्पण से जुड़ती है, तभी समाज को नई दिशा और दशा मिलती है।

डॉ. विभ्राट चंद कौशिक जैसे जननेता आज के दौर में राजनीति की उस तस्वीर को जीवित रखते हैं, जहां नेतृत्व सत्ता से नहीं, सेवा से पहचाना जाता है।

✍️ — संवाददाता अनुपम दुबे की कलम से

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